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कृष्ण ने राधा से पूछा - ऐसी एक जगह बताओ जहाँ मैं नहीं हूँ ...... राधा ने मुस्कुरा के कहा - बस मेरे नसीब में .... फिर राधा ने कृष्ण से पूछा - हमारा विवाह क्यों नहीं हुआ? कृष्ण ने मुस्कुरा कर कहा - राधे! विवाह के लिये दो लोगों का होना आवश्यक है ....हम तो एक हैं ......

Saturday, July 2, 2011

ओस की बूँद



19 comments:

Anonymous said...

nice.....very nice

रश्मि प्रभा... said...

hamesha ki tarah kuch khaas mila ...

कविता भंवर राठी said...

Bahot sundar....mann ko mrutyu ke bhay se dur kar dene wali ek sundar rachnaa.....

નીતા કોટેચા said...

mrutyu ke nam se hi muje sar sa lagta hai par man ko shant karne vali rachna ..bahut khub..

indl land@ kashipur 09837023157 said...

बैठ जाती है परों को जोढ़ कर फूलों के बीच .
तितलियों के पावो में मेहँदी लगा देता है कौन.
फांद परते है किसका नाम लेकर शाख से
सूखते पत्तों को इतना होसला देता है कौन
चक्रेश .....

renu agarwal said...

अनीता दी ! नमस्कार ! आप का लेखन आपको एक आम साधारन महिला की श्रेणी से ऊपर उठा देता है ! prakriti kaiyon ko बहुत aakarshit करती है pr wo usey kis tarh aatmsaat kerte हैं और कितनी क्षमता से अभिव्यक्त कर पाते हैं की पढने वाला भी उतना ही रसमय हो जाये ! kripya लिखती रहे और अपने लेखन से हमें अभिभूत करती रहें .....

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत ही बढ़िया ।


सादर

आशा said...

बहुत सुन्दर |बधाई
आशा

Sapna Nigam ( mitanigoth.blogspot.com ) said...

गहन अंतर्व्यथा का सुंदर शब्द - चित्र.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

आपकी पोस्ट की हलचल आज यहाँ भी है

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

यथार्थ का सटीक वर्णन ...

वन्दना said...

यही होती है जीवन की सार्थकता।

sushma 'आहुति' said...

बहुत ही खुबसूरत रचना और प्रस्तुती....

रेखा said...

सुन्दर प्रस्तुति ...

रेखा said...

सुन्दर प्रस्तुति ...

man na vicharo said...

maran ke bad fir punarmilan ki aash...wah...positive soch...pahele bhi padhi thi par tab mrutyu se dar lagta tha...ab kuch alag soch ke sath padha..bahut achchi lagi ye bat...

Dr. Ashok Madhup said...

Anita Ji! I appreciate, Your Blog, Write-ups & Poems etc., these all are really very Beautiful. I like it very much and I would like to you please also visit my Blog - Tumchhulo (http://tumchhulo.
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Dr. Ashok Madhup (Geetkar),
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Ramakant Singh said...

I DONT WANT TO SAY I AM JEALOUS OF YOUR FEELINGS AND BEAUTIFUL EMOTIONS

Ramakant Singh said...

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