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कृष्ण ने राधा से पूछा - ऐसी एक जगह बताओ जहाँ मैं नहीं हूँ ...... राधा ने मुस्कुरा के कहा - बस मेरे नसीब में .... फिर राधा ने कृष्ण से पूछा - हमारा विवाह क्यों नहीं हुआ? कृष्ण ने मुस्कुरा कर कहा - राधे! विवाह के लिये दो लोगों का होना आवश्यक है ....हम तो एक हैं ......

Monday, August 1, 2011

चाँदनी रात

30 comments:

योगेन्द्र मौदगिल said...

waah..jitna sunder blog..us se badiya kavita...poorn jivant ta hai yahan par...sadhuwaad swikaren...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कोमल से भावों को संजो कर सुन्दर रचना रची है ... मेरे ब्लॉग पर आने के लिए आभार ..

: केवल राम : said...

बहुत बखूबी आपने भावनाओं को अभिव्यक्त किया है ....मेरे ब्लॉग पर आकर उत्साहवर्धन के लिए आपका आभार ....आशा है आपका मार्गदर्शन यूँ ही मिलता रहेगा ......!

Rakesh Kumar said...

सुन्दर शब्द,भावपूर्ण अनुपम अभिव्यक्ति.

आभार.

मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है.

Dilbag Virk said...

sunder rachna
is rachna ko main charcha manch hetu lena chahta tha lekin akeli post ka link nhin mila

kripya sheershak den jisse link lene men aasani rhe

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

सुंदर ..बहुत सुंदर भाव....

Kailash C Sharma said...

bahut komal ahasaas..bahut sundar bhavpoorn abhivyakti..

vicharmanch said...

वाह अनीता जी , बहुत सुन्दर रचनाएं . मेरी शुभकामनायें ... अगर आप मुंबई से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र मुंबई संध्या में अपनी रचनाएं प्रकाशित कराना चाहती हैं तो स्वागत है . कम से कम १० रचनाएं आप mumbaisandhya@gmail.com par hindi me bhej saktee hain.thanks - mukesh kumar masoom

S.M.HABIB said...

वाह! बहुत खूब...
सादर...

Dorothy said...

खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
सादर,
डोरोथी.

vidhya said...

सुन्दर शब्द,भावपूर्ण अनुपम अभिव्यक्ति.
लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/
अगर आपको love everbody का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

Dilbag Virk said...

आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है , कृपया पधारें
चर्चा मंच

Er. सत्यम शिवम said...

very nice.....:)

kavita rathi. said...

hey dee...aap hi ki tarah khubsurat...ek ek shabd..ahsason se otprot...behad khubsurat kavita..aur utna hi khubsurat aap ka blog bhi...:)

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

.


बहुत ख़ूबसूरत ब्लॉग !
प्यारी रचनाएं !!

अनिता जी
जितनी प्रशंसा करूं , कम है …

अवश्य ही आपके इस सुंदर ब्लॉग पर कुछ दिन पहले भी आया था , याद नहीं कमेंट किया था या नहीं … :) आपकी सभी रचनाओं के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें !

शुभकामनाओं मंगलकामनाओं सहित…
-राजेन्द्र स्वर्णकार

Suresh Kumar said...

Anita Ji sundar aur bhawnaatmak rachana...aabhar

वन्दना said...

वाह अनीता जी …………बहुत ही सुन्दर भावों को पिरोया है…………शानदार अभिव्यक्ति।

कविता रावत said...

bahut badiya chandni raat se sarobaar rachna...
Haardik shubhkamnayen!

ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι said...

बेहतरीन अभिव्यक्ति अनीता जी को मुबारकबाद।

anu said...

स्वागत है अनीता आपका ........इस ब्लॉग कि दुनिया में
अच्छा लगा अपने साथ आपको देखा कर ...ओर आपके काव्यसंग्रह के लिए बधाई स्वीकार करे ..
बहुत अच्छा लगा आपक काव्यसंग्रह

और इस कविता के लिए बस ये ही कहूँगी कि
कोमल एहसासों से सजी है आपकी लेखनी ..................आभार

डॉ. जेन्नी शबनम said...

चर्चा मंच के द्वरा आपके ब्लॉग तक पहुंची. कविता तो अछि है हिन् साथ हिन् आपके ये विचार बहुत पसंद आये...
मुसीबत में कभी किसी से मदद मत मांगो ... क्योंकि मुसीबत चार दिन की है और अहसान ज़िन्दगी भर का ...
बहुत शुभकामनाएं अनीता जी.

संजय भास्कर said...

आदरणीय अनीता जी
नमस्कार !
सुन्दर रचना
..........दिल को छू लेने वाली प्रस्तुती

संजय भास्कर said...

वाह पहली बार पढ़ा आपको बहुत अच्छा लगा.
आप बहुत अच्छा लिखती हैं और गहरा भी.
बधाई.

सुनीता शानू said...

चर्चा में आज नई पुरानी हलचल

Kailash C Sharma said...

बहत कोमल अहसास..सुन्दर भावमयी प्रस्तुति..

Amrita Tanmay said...

अच्छा लगा आपको पढ़ना. आभार |

Vijay Kr Singhal said...

बहुत खूबसूरत कविता है. पढ़कर लगता है स्वप्न देख रहे हैं.

Kavi Kulwant said...

excellent

वन्दना said...

अब आपका ब्लोग यहाँ भी आ गया और सारे जहाँ मे छा गया। जानना है तो देखिये……http://redrose-vandana.blogspot.com पर और जानिये आपकी पहुँच कहाँ कहाँ तक हो गयी है।

man na vicharo said...

bahut badhiya shabd...aur ahesaso se bhari kavita...abhut sundar...