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कृष्ण ने राधा से पूछा - ऐसी एक जगह बताओ जहाँ मैं नहीं हूँ ...... राधा ने मुस्कुरा के कहा - बस मेरे नसीब में .... फिर राधा ने कृष्ण से पूछा - हमारा विवाह क्यों नहीं हुआ? कृष्ण ने मुस्कुरा कर कहा - राधे! विवाह के लिये दो लोगों का होना आवश्यक है ....हम तो एक हैं ......

Friday, January 6, 2012

उद्गार

20 comments:

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

बहुत प्यारी कविता...
सादर बधाई...

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत ही बढ़िया।

सादर

Rakesh Kumar said...

अति सुन्दर लगी आपकी यह प्रस्तुति.
मातृत्व के अनमोल भावों से रंगीं
अभिव्यक्ति के लिए आभार.

मेरे ब्लॉग पर आपके आने का मैं आभारी हूँ जी.

Mamta Bajpai said...

bemishal ..aabhar

Naveen Mani Tripathi said...

jitani tareef karun kam hogi ....kavit ka sanskar nishchay hi ak prbhavshali abhivykti lagi .

केवल राम : said...

प्रसंशनीय प्रस्तुति ......!

dinesh aggarwal said...

वाह अनीता जी वाह, वात्सल्य रस से परिपूर्ण
अभिव्यक्ति। सचमुच एक माँ के हृदय से निकले
उद्गार।
क्षमा चाहता हूँ प्रशंसा के लिये सार्थक शब्दों का
प्रयोग नहीं कर पा रहा हूँ।
माँ के संबंध में मैंने भी कुछ लिखने का प्रयास
किया है। कृपया मेरे ब्लॉग पर आकर,अपने
आशीष वचनों से मुझे अनुग्रहीत करें।
सुन्दर रचना के लिये बधाई एवं आभार....

Utkarsh said...

kavita to ahut log lkhte hai but aap ke likhne ka andaz hi alag hai picture me kavita bahut accha sayvojan hai.......

Bharat Bhushan said...

मानवीय भावों से भरी कविता सहज ही मन को साथ ले लेती है. बहुत सुंदर.

Bharat Bhushan said...

कविता में सुंदर भावों को आपने पिरो दिया है.

Anita Maurya said...

Bahut hi sundar kavita..

Ramakant Singh said...

अनीता जी आप बहुत SUNDAR भावों को व्यक्त करने की क्षमता रखती हैं आप मेरा अभिवादन स्वीकार करें .

Ramakant Singh said...

अनीता जी आप बहुत SUNDAR भावों को व्यक्त करने की क्षमता रखती हैं आप मेरा अभिवादन स्वीकार करें .

Ramakant Singh said...

परोपकाराय बहन्ती नद्यः
परोपकाराय दुहन्ति गावः
परोपकाराय फलन्ति वृक्षा
परोपकारथ मिदं शरीरं
बहुत प्यारी कविता...
सादर बधाई...

अभिषेक प्रसाद 'अवि' said...

Nice poem...

सुखदरशन सेखों (दरशन दरवेश) said...

माँ बनके देखना और जीना दोनों अलग अलग तजुर्बे होते हैं | कामयाब रचना |

S.N SHUKLA said...

बहुत खूब , शानदार प्रस्तुति.

कृपया मेरी नवीनतम पोस्ट पर पधारकर अपना शुभाशीष प्रदान करें , आभारी होऊंगा .

प्रेम सरोवर said...

बहुत अच्छी पोस्ट। मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है।

Anonymous said...

बहुत प्यारी कविता...
सादर बधाई...

S.N.SHARMA said...

बहुत प्यारी कविता...
सादर बधाई...