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कृष्ण ने राधा से पूछा - ऐसी एक जगह बताओ जहाँ मैं नहीं हूँ ...... राधा ने मुस्कुरा के कहा - बस मेरे नसीब में .... फिर राधा ने कृष्ण से पूछा - हमारा विवाह क्यों नहीं हुआ? कृष्ण ने मुस्कुरा कर कहा - राधे! विवाह के लिये दो लोगों का होना आवश्यक है ....हम तो एक हैं ......

Friday, October 7, 2011

आत्म-मंथन

22 comments:

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

मर्यादा छोड़ धरा पर आ जाती है तो विनाश ही करती है....
सुन्दर, सार्थक अभिव्यक्ति....
सादर...

रश्मि प्रभा... said...

इसी मंथन में दिन गुजर जाता है , शाम ... रात ......एक दिन यूँ ही ज़िन्दगी भी ठहर ही जाएगी !

anju(anu) choudhary said...

बहुत खूब ...उलझे मन की बाते बखूबी लिख दी आपने

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत ही अच्छा लिखा आपने।

सादर

નીતા કોટેચા said...

bahut badhiya annu ji... par...

मत पूछो किसी से सवाल, ना खुद से ना किसी और से...
जवाब मिलता है तो जिंदगी सवाल बदल देती है दोस्त...

Dr Varsha Singh said...

स्त्री मन की भावनाओं को बड़ी बारीकी से व्याख्यायित किया है आपने ...हार्दिक बधाई.

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

इस प्रश्न से शायद हर संवेदनशील इन्सान जूझता ही होगा ...इस पड़ाव पर ...सुंदर रचना

Vijay said...

यह कविता तुम्हारी किताब में शामिल है. बहुत अच्छी है. इसके साथ जो बैकग्राउंड में तुम्हारा चित्र है बहुत अच्छा है.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

आपकी पोस्ट की हलचल आज (09/10/2011को) यहाँ भी है

Rakesh Kumar said...

नई पुरानी हलचल से आपकी इस पोस्ट पर आना हुआ.बहुत सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति है आपकी.

सार्थक आत्म मंथन के लिए आभार.

अजय कुमार said...

नारी मन की सुंदर अभिव्यक्ति ।

सागर said...

bhaut hi gahan abhivaykti....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

अनिता जी!
आप बहुत अच्छा लिखती हैं!
आश्चर्य है कि मेरी दृष्टि अब तक आपके ब्लॉग पर क्यों नहीं पड़ी?
अब यहाँ आता रहूँगा!
बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

Maheshwari kaneri said...

मर्यादा छोड़ धरा पर आ जाती है तो विनाश ही करती है....बहुत सुन्दर और गहन भाव....सार्थक अभिव्यक्ति...

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

शुभ दीपावली,

Vaneet Nagpal said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं |
आप के लिए "दिवाली मुबारक" का एक सन्देश अलग तरीके से "टिप्स हिंदी में" ब्लॉग पर तिथि 26 अक्टूबर 2011 को सुबह के ठीक 8.00 बजे प्रकट होगा | इस पेज का टाइटल "आप सब को "टिप्स हिंदी में ब्लॉग की तरफ दीवाली के पावन अवसर पर शुभकामनाएं" होगा पर अपना सन्देश पाने के लिए आप के लिए एक बटन दिखाई देगा | आप उस बटन पर कलिक करेंगे तो आपके लिए सन्देश उभरेगा | आपसे गुजारिश है कि आप इस बधाई सन्देश को प्राप्त करने के लिए मेरे ब्लॉग पर जरूर दर्शन दें |
धन्यवाद |
विनीत नागपाल

Rakesh Kumar said...

अनीता जी आपके व आपके समस्त परिवार के स्वास्थ्य ,सुख समृद्धि की मंगलकामना करता हूँ.

दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ.

मेरे ब्लॉग पर आईयेगा.
'नाम जप' पर अपने अमूल्य विचार
व अनुभव प्रस्तुत करके अनुग्रहित कीजियेगा.

Maheshwari kaneri said...

बहुत सुन्दर, सार्थक अभिव्यक्ति....बधाई

प्रेम सरोवर said...

बहुत कुछ पठनीय है यहाँ आपके ब्लॉग पर-. लगता है इस अंजुमन में आना होगा बार बार.। मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । धन्यवाद !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

शायद यह आत्म मंथन सबके मन में चलता है ..सुन्दर अभिव्यक्ति

chirag said...

sahi likha aapane
bahut khoob
mere blog par bhi aaiyega
umeed kara hun aapko pasand aayega
http://iamhereonlyforu.blogspot.com/

Arvind Passey said...

Just read that you have a published a poetry volume too... congrats!! :)
Hope to read more of your poems on your blog now... or Facebook, if you're there.

Arvind Passey
www.passey.info